डीयू/डी.एस.टी. पर्स अनुदान
पर्स अनुदान
विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए विश्वविद्यालय ने 2008-2009 में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग पर्स अनुदान को मंजूरी दी। पिछले दस सालों से दिल्ली विश्वविद्यालय शोध प्रकाशन के मामले में देश के विश्वविद्यालयों में नम्बर एक पर है। विज्ञान के विभागों के सभी संकाय सदस्यों से प्रस्ताव आंमत्रित किए गए। सदस्यों द्वारा तीन मदों पर लगभग 50 प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए। पहली प्राथमिकता के रूप में विश्वविद्यालय अन्तर अनुशासनात्मक अनुसंधान को मज़बूत बनाने के लिए बहु अन्वेषक परियोजनाओं के निधि संग्रह पर विचार किया गया। ये विभिन्न संकाय सदस्यों के बीच विशेषज्ञता को साझा करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। दूसरी प्राथमिकता सार्वजनिक निजी पारस्परिक प्रभाव के तहत परियोजनाओं को दी गई। परियोजनाओं के लिए निजी कम्पनियाँ बराबर का योगदान देने के लिए राजी हो गई हैं। संकाय सदस्यों को व्यक्तिगत रूप से भी समर्थन दिया जा रहा है। इन सभी परियोजनाओं का प्रमुख उद्देश्य डाक्टरेट विद्यार्थियों के प्रशिक्षण में सुधार करना रहेगा। इन परियोजनाओं के तहत निधि संग्रह की अधिकांश राशि उपभोज्य वस्तु और आपूर्ति पर खर्च होने की उम्मीद है। अनुदान की कुल राशि 30 करोड़ रूपए है जो तीन बराबर-बराबर वार्षिक किश्तों में दी जाएगी।